गुलरी के फूल - खेसारी लाल यादव & सृष्टि भारती (भोजपुरी सॉन्ग लीरिक्स)
ए जवनिया में डालतारू नून भउजी
ए जवनिया में डालतारू नून भउजी
जाके परदेशवा में गूल होइ गइले
मोर बलमुआ हो
गुलरी के फूल होइ गइले
मोर बलमुआ हो
गुलरी के फूल होइ गइले
गुलरी के फूल होइ गइले
तS एगो काम करS
ओकरा खातिर करवा चौथ आ तीज देई द
बाकी बाचल जावानी हमके लीज़ देई द
मोर बलमुआ हो
गुलरी के फूल होइ गइले
मोर बलमुआ हो
गुलरी के फूल होइ गइले
मोर बलमुआ हो
गुलरी के फूल होइ गइले
कहिया ले घरे अइहे सजनवा
त सुन लS
जानतानी ताहार मन कुछ आज खोजता
दुनो बेरा ई देहिया मसाज खोजता
टुनटुन खेसारी काहे कूल होइ गइले
टुनटुन खेसारी काहे कूल होइ गइले
मोर बलमुआ हो
गुलरी के फूल होइ गइले
मोर बलमुआ हो
गुलरी के फूल होइ गइले
मोर बलमुआ हो
Gulari Ke Phool - Khesari Lal Yadav & Srishti Bharati (Bhojpuri Song Lyrics)
भोजपुरी स्टार खेसारी लाल यादव का नया गाना “गुलरी के फूल” रिलीज़ हुआ है। इस गाने में उनके साथ सृष्टि भारती ने भी आवाज़ दी है। गाने के बोल टुनटुन यादव ने लिखे हैं और संगीत आर्या शर्मा ने तैयार किया है।
यह गाना सुनते ही मन खुश हो जाता है। इसमें लोक धुन का स्वाद भी है और थोड़ा मॉडर्न टच भी। ढोलक और अन्य वाद्य इसे और मजेदार बनाते हैं। इसकी धुन और कोरस बहुत आसान और प्यारे हैं, जिन्हें कोई भी जल्दी याद कर सकता है।
खेसारी लाल यादव की आवाज़ हमेशा की तरह जोश और दमदार है। वहीं सृष्टि भारती की आवाज़ मीठी और कोमल है। दोनों की आवाज़ मिलकर गाने को और अच्छा बना देती है।
बोल बहुत हल्के और रोमांटिक हैं। प्रेमिका की तुलना “गुलरी के फूल” से की गई है। इसमें करवा चौथ और तीज जैसे त्योहारों का जिक्र भी है, जिससे यह गीत संस्कृति से जुड़ जाता है।
कुल मिलाकर यह गाना रोमांटिक और मस्तीभरा है। इसे सुनकर डांस करने का मन करता है। शादी, पार्टी या किसी भी उत्सव में बजाने के लिए यह बिल्कुल सही है।
आप इस गाने का आनंद नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करके ले सकते हैं:-
